भारत में घरेलू बचत दर वित्त वर्ष 2023 में घटकर सिर्फ 5.3% रह गई—पिछले 50 वर्षों में सबसे कम। बढ़ती आय के बावजूद लोग ज़्यादा खर्च और कम बचत कर रहे हैं। आसान कर्ज़, डिजिटल खर्च, और जीवनशैली में बदलाव इसके प्रमुख कारण हैं। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह प्रवृत्ति देश को कर्ज़ आधारित उपभोग के जाल में फंसा सकती है।
BulletsIn
- FY23 में घरेलू बचत जीडीपी का 5.3%
- 50 वर्षों में सबसे कम बचत दर
- 9 साल में बैंक डिपॉजिट का हिस्सा 43% से घटकर 35%
- क्रेडिट कार्ड, EMI, BNPL का चलन तेज़
- FY24 में घरेलू कर्ज़ जीडीपी का 6.4% हुआ
- युवा ज़्यादा खर्च कर रहे, कम बचत कर रहे
- निवेश रियल एस्टेट, शेयर, म्यूचुअल फंड की ओर मुड़ा
- गोल्ड में बचत 2011–12 के बाद सबसे ज़्यादा
- दो साल में ₹910 अरब की बचत में गिरावट
- ग्रामीण भारत में 80% परिवारों के पास रिटायरमेंट योजना नहीं





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