भारत का केंद्रीय बजट 2025-26 भूटान को दी गई भारी वित्तीय सहायता के माध्यम से उसके सामरिक महत्व को फिर से सुदृढ़ करता है, खासकर जब चीन का दक्षिण एशिया में प्रभाव बढ़ रहा है। भूटान, जो भारत और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण बफर के रूप में कार्य करता है, को इस बजट में दक्षिण एशिया के अन्य देशों के मुकाबले सबसे बड़ी वित्तीय मदद प्राप्त हुई है।
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- भारत का बजट 2025-26 में भूटान को ₹2,150 करोड़ आवंटित, जो उसकी रणनीतिक अहमियत को दर्शाता है।
- भूटान भारत और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण बफर राज्य है, जो हिमालय क्षेत्र में भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
- भूटान की अर्थव्यवस्था भारत के साथ मजबूत है, जिसमें भूटान के जल विद्युत निर्यात का 40% उसका राजस्व है।
- भारत भूटान के प्रमुख जल विद्युत परियोजनाओं का वित्तपोषक और विकासकर्ता है, जैसे ताला, चुखा और मंगदेछु।
- भारत का निवेश भूटान के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में, दोनों देशों के टिकाऊ विकास लक्ष्यों को सुदृढ़ करता है।
- भूटान भारत के लिए एक स्वच्छ ऊर्जा केंद्र के रूप में कार्य करता है, जो क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करता है।
- भूटान का भारत के साथ BBIN जैसे क्षेत्रीय ढाँचों में समावेश, सीमा पार व्यापार को और आसान बनाता है।
- भारत भूटान के फिनटेक ढांचे को समर्थन देता है, जिसमें रूपे और यूपीआई जैसे भुगतान प्रणालियाँ शामिल हैं।
- सीमा सड़कें, व्यापार केंद्र और रेल संपर्क जैसे ढांचागत परियोजनाएं भूटान के भारत से आर्थिक संबंधों को मजबूत करती हैं।
- लगातार रणनीतिक समर्थन सुनिश्चित करता है कि भूटान भारत के साथ मल्टीलेटरल प्लेटफार्मों में जुड़ा रहे, जिससे चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का मुकाबला हो सके।





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