2025 में वैश्विक अनिश्चितता, व्यापार तनाव और कमजोर पूंजी प्रवाह के कारण रुपया काफी कमजोर हुआ। वर्ष के अंत में यह डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड के करीब स्तर पर पहुंच गया। आगे की दिशा व्यापार स्थिति, निवेशकों के भरोसे और RBI की भूमिका पर निर्भर करेगी।
BulletsIn
- 2025 में रुपया 6% से अधिक गिरा
- डॉलर के मुकाबले करीब 90 के स्तर तक पहुंचा
- विदेशी निवेशकों की निकासी से दबाव बढ़ा
- मजबूत डॉलर और वैश्विक जोखिम भावना का असर
- व्यापार अनिश्चितता और शुल्क जोखिम बने रहे
- RBI ने तेज गिरावट रोकने के लिए हस्तक्षेप किया
- 2026 की शुरुआत में मौसमी समर्थन संभव
- मध्य-2026 तक धीरे-धीरे कमजोरी की उम्मीद
- पूंजी प्रवाह और नीतिगत स्थिरता अहम कारक





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