प्रसिद्ध भारतीय पर्यावरणविद माधव गाडगिल को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा 2024 का लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया। गाडगिल को उनके पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिकी अध्ययन में अभूतपूर्व योगदान के लिए सम्मानित किया गया, और वह “चैंपियंस ऑफ द अर्थ” की प्रतिष्ठित सूची में शामिल हो गए हैं।
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- माधव गाडगिल को UNEP का 2024 लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मिला।
- डेविड एटनबरो और जोआन कार्लिंग जैसे प्रतिष्ठित पर्यावरणविदों के साथ सूची में शामिल।
- गाडगिल रिपोर्ट ने भारत के पश्चिमी घाट की पारिस्थितिकीय संवेदनशीलता के संरक्षण की वकालत की।
- 1986 में भारत का पहला जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र, नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व, स्थापित किया।
- जैव विविधता अधिनियम और वन अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- UNEP ने स्थानीय समुदायों के ज्ञान और स्थायी समाधान में गाडगिल की सराहना की।
- पद्मश्री और पद्मभूषण जैसे नागरिक सम्मान और टायलर प्राइज व वोल्वो पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित।
- 2024 में “चैंपियंस ऑफ द अर्थ” पुरस्कार के 6 प्राप्तकर्ताओं में शामिल।
- UNEP के कार्यकारी निदेशक इन्गर एंडरसन ने प्राकृतिक हानि के समाधान में गाडगिल की भूमिका की प्रशंसा की।
- संयुक्त राष्ट्र मिशन ने भारत में पर्यावरण बहाली के प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए इस उपलब्धि की घोषणा की।





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