भारत ने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान के तहत नए जलवायु लक्ष्य घोषित किए, जिनमें 2035 तक उत्सर्जन तीव्रता में 47% कमी और स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
BulletsIn:
- भारत ने 2035 तक सकल घरेलू उत्पाद की उत्सर्जन तीव्रता में 47% कमी का लक्ष्य रखा, जिससे ऊर्जा दक्षता और जलवायु प्रयास मजबूत होंगे
- कुल स्थापित विद्युत क्षमता में गैर जीवाश्म स्रोतों की हिस्सेदारी 60% तक बढ़ाने का लक्ष्य, जो पहले के लक्ष्य से अधिक महत्वाकांक्षी
- कार्बन अवशोषण क्षमता को 3.5–4 अरब टन तक बढ़ाने का लक्ष्य, जिसमें वनीकरण और पारिस्थितिक पुनर्स्थापन पर जोर
- यह लक्ष्य संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन ढांचे के तहत प्रस्तुत किए जाएंगे, जो वैश्विक जलवायु समझौते का हिस्सा हैं
- भारत पहले ही लगभग 52% गैर जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल कर चुका, हालांकि वास्तविक उत्पादन हिस्सा अभी कम है
- पहले के लक्ष्यों में 44% उत्सर्जन कमी और 2.5–3 अरब टन कार्बन अवशोषण का लक्ष्य शामिल था
- जलवायु नीति समान लेकिन विभेदित जिम्मेदारी के सिद्धांत पर आधारित, जिससे विकास और पर्यावरण में संतुलन बना रहे





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