16 अप्रैल 2025 को पर्यावरण मंत्रालय ने GHG उत्सर्जन घटाने के मसौदा नियम जारी किए। ये उच्च ऊर्जा खपत वाली इंडस्ट्रीज़ पर लागू होंगे, जिससे 2023 की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना प्रभावी हो सके। ये नियम भारत के 2030 पेरिस समझौता लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेंगे।
BulletsIn
- GEI = प्रति उत्पाद इकाई GHG उत्सर्जन
- एल्युमिनियम, सीमेंट, पेपर, क्लोर-अल्कली इंडस्ट्रीज़ पर लागू
- 282 इकाइयाँ शामिल; अल्ट्राटेक, वेदांता, डालमिया जैसे बड़े नाम
- 2023–24 को आधार वर्ष; 2025–27 तक कटौती लक्ष्य
- लक्ष्य न पूरा करने पर जुर्माना तय
- उत्सर्जन घटाने पर कार्बन क्रेडिट; बाजार में व्यापार संभव
- क्रेडिट पर निगरानी: इंडियन कार्बन मार्केट व ऊर्जा दक्षता ब्यूरो
- 2030 तक 45% GDP उत्सर्जन तीव्रता में कटौती लक्ष्य
- स्वच्छ तकनीक अपनाने पर ज़ोर: बायोमास, ऊर्जा-कुशल भट्टियाँ
- मसौदा नियमों पर 60 दिनों तक सुझाव आमंत्रित





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.