भारत में लू की घटनाएं अधिक, लंबी और तीव्र होती जा रही हैं। अप्रैल से जून 2025 के बीच कई राज्यों में गंभीर लू की आशंका है। शहरों में तापमान और शहरी गर्मी के कारण स्वास्थ्य संकट बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब एक राष्ट्रीय लू नीति जरूरी है।
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- IMD का अनुमान: अप्रैल-जून 2025 में 10–11 लू वाले दिन होंगे
- उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा होंगे सबसे प्रभावित
- राजस्थान में तापमान 45°C तक जा सकता है, दिल्ली में गर्मी का अधिक खतरा
- 2000–2019 में एशिया में हर साल लगभग 2.5 लाख मौतें लू से
- भारत में अब तक कोई राष्ट्रीय लू नीति नहीं है
- ठंडी छतें, परावर्तक सड़कें सस्ते और असरदार समाधान
- रूफटॉप गार्डन से घर ठंडे रहते हैं, बिजली की बचत होती है
- हरियाली और जल-स्रोत मिलकर आसपास का तापमान कम करते हैं
- भवनों में वेंटिलेशन, छाया और इंसुलेशन जरूरी बनें
- बाहरी कामगारों को लू से बचाने के लिए पानी, छाया, ब्रेक जरूरी





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