भारत में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। बेंगलुरु और शिमला जैसे शहर भी अब रिकॉर्ड तोड़ गर्मी झेल रहे हैं। यह धीरे-धीरे बढ़ता स्वास्थ्य संकट है, जिसके लिए त्वरित कदम जरूरी हैं।
BulletsIn
- मार्च 2025, भारत के पिछले एक सदी के सबसे गर्म महीनों में से एक था, दक्षिण भारत के हिस्सों में 40°C से अधिक तापमान
- विश्व मौसम संगठन ने 2025 को सबसे गर्म वर्षों में से एक होने का अनुमान लगाया है
- शहरी विस्तार और हरियाली की कमी से बेंगलुरु, शिमला जैसे शहरों में गर्मी बढ़ी है
- गर्मी से स्कूल में उपस्थिति और पढ़ाई प्रभावित हो रही है, भविष्य में बंद होने का खतरा
- पुरानी बीमारियों वाले लोग गर्मी से अधिक प्रभावित, मौत का जोखिम बढ़ता है
- बच्चे, बुजुर्ग और बाहर काम करने वालों की अलग-अलग जरूरतें होती हैं, जिन्हें ध्यान में रखना जरूरी है
- अहमदाबाद का हीट एक्शन प्लान (HAP) चेतावनी, स्वास्थ्य प्रशिक्षण और पानी वितरण में मॉडल बना है
- नागपुर, भुवनेश्वर, और सूरत जैसे शहर भी समान योजनाएं अपना रहे हैं
- छतों को सफेद रंग से रंगना, ठंडी जगह बनाना, और काम के घंटे बदलना जैसे स्थानीय समाधान
- अस्पतालों में हीटस्ट्रोक वार्ड बनाना, संवेदनशील विभागों को ठंडी जगह स्थानांतरित करना जरूरी है





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.