3-4 मई 2025 को नई दिल्ली में आयोजित आर्कटिक सर्कल इंडिया फोरम में मिलिंद देवरा, राज्यसभा सांसद और आर्कटिक सर्कल के सलाहकार बोर्ड सदस्य, ने आर्कटिक क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने जलवायु और मानसून पर इसके प्रभाव को देखते हुए भारत के लिए आर्कटिक मामलों में सक्रिय होने की आवश्यकता बताई।
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- आर्कटिक सर्कल इंडिया फोरम 3-4 मई 2025 को नई दिल्ली में हुआ
- मिलिंद देवरा ने आर्कटिक में भारत की वैज्ञानिक और भू-राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता बताई
- देवरा पिछले 20 सालों से आर्कटिक मुद्दों में सक्रिय हैं, विशेष रूप से जलवायु और शोध पर
- भारत को आर्कटिक के पर्यावरणीय, भू-आर्थिक और भू-राजनीतिक संभावनाओं पर ध्यान देना चाहिए
- आर्कटिक मामलों में सरकारी नेतृत्व की जरूरत, निजी क्षेत्र की पहल से काम नहीं चलेगा
- आर्कटिक जलवायु परिवर्तन सीधे भारत के मानसून और कृषि पर प्रभाव डालते हैं
- देवरा ने आर्कटिक के प्रभाव पर जागरूकता बढ़ाने के लिए जनता को शिक्षित करने की जरूरत बताई
- फोरम में वैश्विक नेताओं, वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं की भागीदारी रही
- देवरा और अनुराग ठाकुर आर्कटिक असेंबली के लिए इस साल आइसलैंड के लिए क्रॉस-पार्टी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे
- आर्कटिक सर्कल और ORF ने इस कार्यक्रम का आयोजन भारत के विदेश मंत्रालय और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के साथ किया





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