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* भारत ने BASIC देशों की ओर से COP30 में बयान दिया।
* कहा कि यह सम्मेलन बने “अनुकूलन का COP” (COP of Adaptation)।
* वित्त और तकनीकी पहुंच को अधिकार, न कि विशेषाधिकार बताया।
* चेताया कि एकतरफा व्यापारिक नीतियाँ जलवायु सहयोग को कमजोर कर रही हैं।
* कहा कि ये नीतियाँ पेरिस समझौते की भावना के विपरीत हैं।
* भारत ने जलवायु वित्त (Climate Finance) की स्पष्ट परिभाषा तय करने की माँग की।
* विकसित देशों से कहा कि वे अनुकूलन हेतु सार्वजनिक वित्त बढ़ाएँ।
* बताया कि वर्तमान अनुकूलन वित्त ज़रूरत से लगभग 15 गुना कम है।
* कहा कि तकनीकी स्थानांतरण (Technology Transfer) पर बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) की बाधाएँ हटाई जाएँ।
* दोहराया कि समान लेकिन अलग जिम्मेदारी (CBDR-RC) का सिद्धांत लागू रहना चाहिए।
* कहा कि बहुपक्षीय सहयोग (Multilateralism) ही जलवायु संकट का टिकाऊ समाधान दे सकता है।





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