अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार 2026 में वैश्विक वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि में भारत का लगभग 17 प्रतिशत योगदान रहने की संभावना है।
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• अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार 2026 में वैश्विक वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि में भारत का लगभग 17 प्रतिशत योगदान रहने की संभावना जताई गई है।
• विश्व आर्थिक परिदृश्य अद्यतन रिपोर्ट में भारत की 2025 की वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत किया गया है।
• वित्तीय वर्ष 2026–27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर लगभग 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, फिर भी भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं में प्रमुख भूमिका निभाएगा।
• वैश्विक स्तर पर आर्थिक वृद्धि 2026 में लगभग 3.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिसका कारण व्यापार तनाव में कमी और अनुकूल वित्तीय परिस्थितियां हैं।
• कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों में बढ़ते निवेश से वैश्विक उत्पादकता और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
• भारत में मुद्रास्फीति केंद्रीय बैंक के लक्ष्य के करीब आने का अनुमान है, जिसका मुख्य कारण खाद्य कीमतों में कमी और बेहतर आपूर्ति स्थिति है।
• कम मुद्रास्फीति घरेलू उपभोग को मजबूत करने और निवेश को बढ़ाने में मदद कर सकती है, जिससे आर्थिक वृद्धि को समर्थन मिलेगा।
• अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चेतावनी दी है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से उत्पादकता में तेजी से वृद्धि निवेश मांग को कम कर सकती है।





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