भारतीय वायु सेना (IAF) और रॉयल थाई वायु सेना (RTAF) संयुक्त हवाई अभ्यास कर रही हैं, जिसका उद्देश्य परिचालन समन्वय और पारस्परिक क्षमता को मजबूत करना है। यह अभ्यास भारत-थाईलैंड रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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भारतीय वायु सेना (IAF) रॉयल थाई वायु सेना (RTAF) के साथ संयुक्त हवाई अभ्यास कर रही है।
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अभ्यास में Su-30MKI लड़ाकू विमान, AWACS, AEW&C विमान और IL-78 मिड-एयर रिफ्यूलिंग विमान शामिल हैं।
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रॉयल थाई वायु सेना अपनी Gripen लड़ाकू विमानों के साथ भाग ले रही है।
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अभ्यास का उद्देश्य जटिल हवाई अभियानों में समन्वय और निगरानी क्षमताओं को बेहतर बनाना है।
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AWACS और AEW&C जैसे फोर्स मल्टीप्लायर निगरानी और युद्ध प्रबंधन क्षमताओं को मजबूत करते हैं।
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IL-78 रिफ्यूलिंग विमान परिचालन क्षमता और मिशन की अवधि को बढ़ाते हैं।
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भारत और थाईलैंड ने 25 जनवरी 2012 को रक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे।
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दोनों देशों के बीच संयुक्त समुद्री गश्त, वार्षिक स्टाफ वार्ता, विशेषज्ञ आदान-प्रदान और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
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जनवरी 2025 में रॉयल थाई सशस्त्र बलों के प्रमुख ने भारत का दौरा किया।
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थाईलैंड की ‘Act West’ नीति, भारत की ‘Act East’ नीति के पूरक है।
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थाईलैंड में लगभग 4 से 5 लाख भारतीय मूल के लोग निवास करते हैं।
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यह अभ्यास दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की रक्षा साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।





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