भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2025 के मानसून को सामान्य से अधिक रहने का अनुमान लगाया है, जो कृषि उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीण मांग मजबूत करने के साथ-साथ महंगाई नियंत्रण में मदद करेगा, ऐसा क्रिसिल की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है।
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- IMD ने जून से सितंबर तक के दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए 106% औसत बारिश का पूर्वानुमान लगाया है, जो लगातार दूसरी बार सामान्य से अधिक मानसून होगा।
- अधिक बारिश से फसल उत्पादन में वृद्धि, ग्रामीण मांग में मजबूती और खाद्य पदार्थों की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है।
- वित्तीय वर्ष 2025 में कृषि और संबद्ध क्षेत्र की वृद्धि 4.6% रही, जो पिछले दस साल के औसत 4% से अधिक है।
- उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) अप्रैल 2025 में 3.2% तक गिरा, जिसका कारण खाद्य आपूर्ति की समृद्धता है।
- जून 2025 में 108% से अधिक बारिश की संभावना है, जो बुवाई और जल संसाधनों की भरपाई में सहायक होगी।
- केंद्रीय और दक्षिणी प्रायद्वीप भारत में अधिक बारिश; उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य और पूर्वोत्तर भारत में कम बारिश की संभावना है।
- कृषि विकास के लिए मानसून की समयबद्ध और क्षेत्रीय वितरण जरूरी है।
- रिपोर्ट ने मौसम संबंधी जोखिम जैसे असामयिक बारिश, लू, तूफान और बाढ़ पर सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
- वित्तीय वर्ष 2025 में मौसमीय व्यवधानों के कारण सब्ज़ियों की कीमतें बढ़ीं, जिससे खाद्य महंगाई का 41% हिस्सा बढ़ा, जबकि खाद्य अनाज का उत्पादन अच्छा रहा।





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