राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने प्रयागराज में गंगा में बिना ट्रीटमेंट वाला सीवेज बहाए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और चेतावनी दी है कि अगर समय पर कदम नहीं उठाए गए तो 2024 में महाकुंभ मेला में आने वाले करोड़ों तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
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- एनजीटी ने प्रयागराज में गंगा में बिना ट्रीटमेंट वाला सीवेज बहाए जाने पर चिंता जताई।
- महाकुंभ (14 जनवरी-26 फरवरी, 2024) में आने वाले करोड़ों तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका।
- 50 नालों से गंगा में 8 किलोमीटर की दूरी तक सीधे सीवेज बह रहा है, रसूलाबाद से संगम तक।
- एनजीटी ने पहले 23 नवंबर तक रोकथाम उपायों पर रिपोर्ट देने का आदेश दिया था, रिपोर्ट नहीं दी गई।
- 7 नवंबर तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर एनजीटी ने चिंता जताई।
- एनजीटी ने इसे समय-संवेदनशील मुद्दा बताया और कुंभ मेले से पहले तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया।
- उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने रिपोर्ट देने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा, जो खारिज कर दिया गया।
- एनजीटी ने एक सप्ताह का समय दिया रिपोर्ट जमा करने के लिए और देरी पर असंतोष व्यक्त किया।
- उत्तर प्रदेश के पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव की व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग की जा सकती है।
- एनजीटी ने 9 दिसंबर 2024 को अगली सुनवाई तय की है, ताकि कार्रवाई की समीक्षा की जा सके।





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