Great Nicobar Island Project से जुड़े ड्राफ्ट प्लान में निकोबारी जनजातियों के पुनर्वास का प्रस्ताव सामने आने से चिंता और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।
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- “Comprehensive Tribal Welfare Plan” में निकोबारी परिवारों के पुनर्वास का प्रस्ताव दिया गया है।
- यह योजना 13 मार्च 2026 को विभिन्न विभागों और ट्राइबल काउंसिल के साथ साझा की गई।
- पुनर्वास को सुनामी प्रभावित और परियोजना प्रभावित क्षेत्रों से “पूर्वजों की भूमि” पर ले जाने की बात कही गई है।
- इस योजना के लिए ₹42.52 करोड़ का बजट 24 महीनों के लिए निर्धारित किया गया है।
- योजना में आवास, भूमि विकास और बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं।
- पुनर्वास स्थान, परिवारों की संख्या और सहमति प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता की कमी है।
- जनजातीय समुदायों को अपने अधिकारों और विस्थापन को लेकर चिंता है।
- ₹92,000 करोड़ की इस परियोजना के खिलाफ कई वर्षों से विरोध जारी है।
- जनजातियों ने 2022 में अपनी सहमति वापस ले ली थी।
- सरकार ने पहले कहा था कि जनजातियों को विस्थापित नहीं किया जाएगा।
- अब पुनर्वास का जिक्र होने से स्थानीय लोगों में भ्रम और अविश्वास बढ़ा है।
- यह मुद्दा विकास और आदिवासी अधिकारों के बीच टकराव को दर्शाता है।





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