2024 में ऊर्जा क्षेत्र से वैश्विक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन लगातार चौथे साल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। 26 जून 2025 को जारी एनर्जी इंस्टिट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा में तेज वृद्धि के बावजूद जीवाश्म ईंधन का उपयोग बढ़ता रहा, जिससे उत्सर्जन में वृद्धि हुई।
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- 2024 में CO2 उत्सर्जन ~1% बढ़ा, फिर से नया रिकॉर्ड बना।
- जीवाश्म ईंधनों का उपयोग बढ़ता रहा, जबकि पवन व सौर ऊर्जा में रिकॉर्ड वृद्धि हुई।
- प्राकृतिक गैस का उपयोग 2.5% बढ़ा—सबसे तेज़ वृद्धि।
- कोयला अब भी सबसे बड़ा ऊर्जा स्रोत, 1.2% की वृद्धि।
- तेल की खपत मामूली बढ़ी, 1% से कम।
- पवन और सौर ऊर्जा में 16% की बढ़ोतरी, ऊर्जा मांग से 9 गुना तेज़।
- कुल वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति 2% बढ़ी—2006 के बाद सबसे अधिक।
- 2024 सबसे गर्म वर्ष रहा; तापमान पहली बार 1.5°C से ऊपर गया।
- दुनिया अब भी 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा को तीन गुना करने के लक्ष्य से पीछे।
- भू-राजनीतिक संकटों ने ऊर्जा संयोजन और उत्सर्जन को प्रभावित किया।





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