वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनाए रखने के लिए नए कदम उठाने की बात कही। लोकसभा में उन्होंने मजबूत आर्थिक सुधार, वित्तीय प्राथमिकताओं और सामाजिक क्षेत्र के बजट में कटौती को लेकर स्पष्टीकरण दिया।
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- वित्त मंत्री ने सितंबर 2024 की मंदी के बाद भारत की आर्थिक रिकवरी को रेखांकित किया।
- 2025-26 का बजट आर्थिक वृद्धि और वित्तीय अनुशासन में संतुलन बनाए हुए है।
- 2025-26 के लिए आर्थिक वृद्धि दर 6.3-6.8% अनुमानित, पिछले तीन वर्षों में औसत 8% रही।
- सरकार का लक्ष्य मार्च 2031 तक जीडीपी का कर्ज अनुपात 50% तक लाना है (वर्तमान में 57.1%)।
- केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे स्वच्छ भारत और शिक्षा में राज्यों को अप्रयुक्त धन का उपयोग करने के निर्देश।
- कृषि (₹1.71 लाख करोड़), ग्रामीण विकास (₹2.67 लाख करोड़), स्वास्थ्य-शिक्षा (₹2.27 लाख करोड़), रक्षा (₹4.92 लाख करोड़) में कोई कटौती नहीं।
- मोदी सरकार के कार्यकाल में महंगाई दर 5.3% तक घटी, जबकि यूपीए के समय 6.5% और 11% थी।
- अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 3% से कम कमजोर हुआ, अन्य प्रमुख मुद्राओं से बेहतर प्रदर्शन किया।
- बीएसएनएल को पुनर्जीवित करने के लिए 2019 से अब तक ₹3.22 लाख करोड़ से अधिक पैकेज दिए गए।
- बजट निजी निवेश, घरेलू मांग और आर्थिक स्थिरता को बढ़ाने पर केंद्रित है।





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