केंद्र सरकार ने FCRA Amendment Bill 2026 प्रस्तावित किया है, जो विदेशी फंडिंग को नियंत्रित करने के लिए एक नई प्राधिकरण व्यवस्था लाता है, जिससे खासकर Kerala में विवाद उत्पन्न हुआ है।
BulletsIn
- यह विधेयक Foreign Contribution (Regulation) Act, 2010 में संशोधन करता है।
- FCRA विदेशी फंड के उपयोग और प्राप्ति को नियंत्रित करता है।
- लगभग 16,000 संगठन FCRA के तहत पंजीकृत हैं और हर साल ₹22,000 करोड़ प्राप्त करते हैं।
- विधेयक में “डिज़िग्नेटेड अथॉरिटी” बनाने का प्रस्ताव है।
- यह प्राधिकरण रजिस्ट्रेशन समाप्त, रद्द या सरेंडर होने पर संपत्ति का प्रबंधन करेगा।
- यदि रजिस्ट्रेशन दोबारा मिलता है तो संपत्ति वापस की जा सकती है।
- यदि रजिस्ट्रेशन नहीं मिलता तो संपत्ति सरकार को हस्तांतरित या बेची जा सकती है।
- धार्मिक स्थलों के लिए विशेष प्रावधान रखा गया है, जिससे उनकी धार्मिक पहचान बनी रहे।
- सरकार का कहना है कि यह संशोधन कानूनी कमियों को दूर करेगा।
- विपक्ष को डर है कि इससे सरकार का नियंत्रण बढ़ जाएगा।
- अल्पसंख्यक संस्थानों, खासकर ईसाई संगठनों पर प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई है।
- केरल चुनाव के कारण यह मुद्दा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बन गया है।
- यह विवाद राष्ट्रीय सुरक्षा और NGO स्वतंत्रता के बीच संतुलन का मुद्दा उठाता है।





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