राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को 19वें रामनाथ गोयनका उत्कृष्टता पत्रकारिता पुरस्कार समारोह में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.) द्वारा लाए गए अवसरों और चुनौतियों पर बात की। उन्होंने कहा कि ए.आई. पत्रकारिता के क्षेत्र में बदलाव ला सकता है, लेकिन मानव मूल्यों से जुड़ी पत्रकारिता हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता की लोकतंत्र के लिए अहमियत पर भी जोर दिया।
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- राष्ट्रपति मुर्मू ने ए.आई. के पत्रकारिता में बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि यह सहानुभूति को नहीं बदल सकता।
- उन्होंने ताजगी से भरे और गहन शोध वाले समाचार कार्यालय की आवश्यकता को प्रमुख बताया।
- राष्ट्रपति ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की उच्च गुणवत्ता वाली रिपोर्टिंग की सराहना की।
- मुर्मू ने मीडिया संगठनों से ज़मीन स्तर की रिपोर्टिंग को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
- ए.आई. के खतरों, विशेषकर डीपफेक्स, पर चिंता जताते हुए युवाओं को इन खतरों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता बताई।
- राष्ट्रपति ने रामनाथ गोयनका के साहस और प्रेस स्वतंत्रता के प्रति उनके योगदान को सम्मानित किया, विशेषकर आपातकाल के दौरान।
- गोयनका की सामाजिक कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता और महात्मा गांधी से जुड़ी उनकी सोच पर प्रकाश डाला।
- रामनाथ गोयनका पुरस्कार 2006 से पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्टता को सम्मानित कर रहे हैं।
- पुरस्कार 13 श्रेणियों में वितरित किए जाते हैं, जिनमें जांच पत्रकारिता, खेल, राजनीति और क्षेत्रीय भाषाओं का योगदान शामिल हैं।
- राष्ट्रपति ने कहा कि बिना सही जानकारी वाले नागरिकों के लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का कोई मतलब नहीं होता।





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