आर्थिक राष्ट्रवाद ऐसी नीतियों को दर्शाता है जो राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देती हैं। यह अवधारणा इतिहास में पुरानी है, लेकिन आज नए रूप में लौट रही है। 16वीं–18वीं शताब्दी के मर्केंटिलिज़्म से उत्पत्ति
BulletsIn
- औद्योगीकरण काल में शुल्क और कोटा का विस्तार
- द्वितीय विश्व युद्ध के बाद मुक्त व्यापार का दौर
- हालिया वर्षों में वैश्वीकरण विरोध से वापसी
- राष्ट्रीय संप्रभुता और आत्मनिर्भरता पर जोर
- संरक्षणवाद और राज्य की बड़ी भूमिका
- घरेलू उद्योगों और रोजगार की सुरक्षा
- रणनीतिक क्षेत्रों पर राष्ट्रीय नियंत्रण
- अक्षमताओं और व्यापार युद्धों की आशंका





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