साउथहैम्पटन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अफार क्षेत्र (इथियोपिया) के नीचे गहरे पृथ्वी से उठती लहरों का पता लगाया है। यह लहरें धीरे-धीरे अफ्रीका को दो हिस्सों में बाँट रही हैं और भविष्य में एक नया महासागर बना सकती हैं।
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- अफार के नीचे गहराई से उठती है पिघली चट्टान की लहर।
- ये लहरें अफ्रीका को अलग कर रही हैं, भविष्य में बनेगा महासागर।
- मैन्टल प्लूम दिल की धड़कन जैसी धड़कता है।
- इसमें विशिष्ट रासायनिक परतें दिखीं—रिफ्ट के अनुसार बदलती।
- लहरों की गति प्लेट की मोटाई और खिंचाव पर निर्भर।
- 10 संस्थानों के वैज्ञानिकों ने मिलकर किया अध्ययन।
- 130 से ज्यादा ज्वालामुखीय नमूनों का विश्लेषण किया।
- अफार क्षेत्र तीन टेक्टोनिक रिफ्ट के संगम पर स्थित।
- सतही ज्वालामुखी और भूकंप गतिविधियों से जुड़ा।
- भविष्य में महाद्वीपीय टूट-फूट को समझने में मदद।





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