राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP), भारतीय संविधान के भाग IV (अनुच्छेद 36-51) में वर्णित हैं। आयरिश संविधान से लिए गए ये तत्व न्यायालयों में प्रवर्तनीय नहीं हैं, लेकिन सामाजिक और आर्थिक न्याय स्थापित करने व नागरिकों के कल्याण को बढ़ावा देने हेतु सरकार को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
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- नीति निदेशक तत्व सरकार के लिए दिशानिर्देश हैं, अदालतों में प्रवर्तनीय नहीं।
- संविधान के भाग IV में अनुच्छेद 36 से 51 तक शामिल।
- आयरिश संविधान से प्रेरित, नागरिक कल्याण हेतु अपनाए गए।
- सामाजिक और आर्थिक न्याय, शिक्षा जैसे सकारात्मक कर्तव्यों पर जोर।
- समान वेतन, मुफ्त कानूनी सहायता, समान नागरिक संहिता जैसे सिद्धांत शामिल।
- कानून और नीतियों के निर्माण में मार्गदर्शन करते हैं; कानूनी अधिकार नहीं।
- मुख्य उद्देश्य: आय असमानता कम करना, पर्यावरण संरक्षण, कमजोर वर्गों का सशक्तिकरण।
- 42वां (1976), 44वां (1978), 86वां (2002), और 97वां (2011) संशोधन किए गए।
- 42वें संशोधन से अनुच्छेद 39A, 43A, 48A जोड़े गए; 97वें से सहकारी समितियां शामिल।
- मौलिक अधिकारों और नीति निदेशक तत्वों के बीच संतुलन शासन के लिए आवश्यक।





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