नेचर क्लाइमेट चेंज में प्रकाशित एक अध्ययन ने पाया कि भारत, ब्राज़ील, पनामा और इंडोनेशिया जैसे उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में वनों की कटाई से स्थानीय गर्मी बढ़ी है। इसके कारण हर साल लगभग 28,000 मौतें हो रही हैं और 30 करोड़ लोग ज्यादा तापमान झेल रहे हैं।
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- वनों की कटाई से हर साल 28,000 गर्मी-संबंधी मौतें
- 30 करोड़ लोग हर साल अधिक तापमान के शिकार
- 2000–2020 तक उपग्रह व तापमान आंकड़ों का विश्लेषण
- जंगल खत्म होने से सतह पर गर्मी बढ़ी, नमी घटी, गैसें बढ़ीं
- बड़े प्रभावित क्षेत्रों में एक-तिहाई मौतें सीधे वनों की कटाई से जुड़ी
- गरीब, प्रवासी, बाहर काम करने वाले मजदूर सबसे ज्यादा खतरे में
- ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं कमजोर, गर्मी की बीमारियों से जूझने में असमर्थ
- वनों की कटाई से आग और प्रदूषण भी बढ़ा, गर्मी और तीव्र
- शोधकर्ता बोले: वनों की कटाई अब सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट
- उष्णकटिबंधीय वनों की सुरक्षा जरूरी, तभी जानें बचेंगी





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