1750 के दशक में भारत में मुग़ल साम्राज्य का पतन हुआ और क्षेत्रीय उत्तराधिकारी राज्यों का उदय हुआ। 1707 में औरंगज़ेब की मृत्यु के बाद कमजोर शासकों, जिन्हें ‘बाद के मुग़ल’ कहा गया, ने सत्ता को बनाए रखने में असफलता दिखाई, जिससे भारत का विखंडन हुआ।
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- 1707 में औरंगज़ेब की मृत्यु के बाद मुग़ल साम्राज्य कमजोर हुआ
- बहादुर शाह (1707-1712) ने राजपूतों, मराठों, सिखों को शांत करने का प्रयास किया
- जहांदार शाह (1712-1713) ने जज़िया समाप्त किया, जुल्फिकार खान के अधीन रहा
- फर्रुख़ सियार (1713-1720) सय्यद बंधुओं के नियंत्रण में रहा, बाद में मारा गया
- मुहम्मद शाह (1719-1748) के समय मुग़ल सत्ता पूरी तरह बिखरी
- निज़ाम-उल-मुल्क आसफ़ जाहा ने 1724 में हैदराबाद की स्थापना की
- बंगाल पर मुर्शिद कुली ख़ान और बाद में अलीवर्दी ख़ान का नियंत्रण रहा
- सआदत ख़ान ने 1722 में अवध की स्थापना की, शासन को वंशानुगत बनाया
- हैदर अली के नेतृत्व में मैसूर उभरा, टीपू सुल्तान ने सेना का आधुनिकीकरण किया
- आर्थिक गिरावट जारी रही, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में यूरोप से पीछे रहा भारत





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