महंगाई कम करने और घरेलू रिफाइनिंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने कच्चे पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 10% कर दी है। यह निर्णय तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और इसका असर जल्द ही खाने के तेल की खुदरा कीमतों पर दिख सकता है।
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- कच्चे खाद्य तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 20% से घटकर 10%
- कुल प्रभावी आयात शुल्क अब 27.5% से घटकर 16.5% हुआ
- रिफाइंड तेल पर ड्यूटी यथावत 32.5% (प्रभावी: 35.75%)
- उपभोक्ताओं को खाने के तेल की कीमतों में जल्द राहत मिलने की उम्मीद
- भारत 50% से अधिक खाद्य तेल आयात करता है; मुख्य स्रोत मलेशिया, इंडोनेशिया, ब्राज़ील
- कच्चे व रिफाइंड तेल में ड्यूटी अंतर बढ़कर 19.25% हुआ (पहले 8.25%)
- ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा और घरेलू रिफाइनर्स को सस्ता आयात रोकने में मदद
- SEA और IVPA जैसे उद्योग संगठन लंबे समय से ड्यूटी अंतर की मांग कर रहे थे
- SAFTA के तहत शून्य शुल्क से रिफाइंड तेल आयात बढ़ने से घरेलू उद्योग को नुकसान
- नीति बदलाव से देश में प्रोसेसिंग बढ़ेगी और किसानों को उचित मूल्य मिलेगा





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