आजेरबैजान में COP29 शिखर सम्मेलन के दौरान, क्रिश्चियन एड की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 10 सबसे जलवायु-संवेदनशील देशों के लोगों को प्रति व्यक्ति $1 से भी कम वित्तीय मदद मिली। इन देशों के 75 करोड़ लोग जलवायु संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जबकि उनका योगदान न्यूनतम है। रिपोर्ट प्रदूषकों पर कर लगाकर सार्वजनिक वित्तीय सहायता बढ़ाने की मांग करती है।
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- 10 जलवायु-संवेदनशील देशों को प्रति व्यक्ति < $1 वार्षिक वित्तीय मदद।
- ये देश वैश्विक आबादी का 9% लेकिन जलवायु वित्त का < 2% प्राप्त करते हैं।
- COP29 का “फाइनेंस COP” शीर्षक वित्तीय लक्ष्यों के पुनर्निर्धारण पर केंद्रित।
- क्रिश्चियन एड रिपोर्ट: निजी वित्त से जरूरतमंद समुदायों को मामूली फायदा।
- 2022 में, केवल 3% जलवायु वित्त कम आय वाले देशों तक पहुंचा।
- निजी वित्त का केवल 0.5% जलवायु अनुकूलन पर खर्च।
- $270B जीवाश्म ईंधन सब्सिडी में, जलवायु अनुकूलन फंडिंग का 7 गुना।
- प्रदूषकों, खासकर जीवाश्म ईंधन कंपनियों पर प्रगतिशील कर लगाने की मांग।
- ऋण संकट बढ़ा, सार्वजनिक अनुदान आधारित वित्त की कमी।
- COP29 में नेताओं से न्याय की मांग, विश्वास पुनर्निर्माण की अपील।





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