भारत के चंद्रयान-3 मिशन के डेटा पर आधारित एक अध्ययन से यह संकेत मिला है कि चाँद पर पानी-बरफ केवल ध्रुवीय क्षेत्रों में नहीं, बल्कि उच्च अक्षांश क्षेत्रों में भी हो सकता है। यह अध्ययन भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL), अहमदाबाद द्वारा किया गया था, जिसमें चंद्रयान-3 के चैस्टे उपकरण के तापमान डेटा का उपयोग किया गया।
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- चंद्रयान-3 के डेटा से पता चला कि चाँद के ध्रुवीय क्षेत्रों के बाहर भी पानी-बरफ हो सकता है।
- यह अध्ययन PRL, अहमदाबाद द्वारा किया गया था और चैस्टे उपकरण के डेटा का उपयोग किया गया।
- चैस्टे ने चाँद की सतह और 10 सेंटीमीटर नीचे के तापमान में 60°C तक का अंतर दर्ज किया।
- उच्च अक्षांश क्षेत्रों (60°-80° N/S) में पानी-बरफ जमा होने के समान परिस्थितियाँ हो सकती हैं।
- चंद्रयान-3 के लैंडिंग स्थल पर तापमान में 30 K तक का अंतर था।
- इन तापमान परिवर्तनों से यह संकेत मिलता है कि कुछ क्षेत्र ठंडे जाल के रूप में काम कर सकते हैं, जो पानी-बरफ को सतह के नीचे संरक्षित कर सकते हैं।
- पहले यह माना जाता था कि पानी-बरफ केवल ध्रुवीय क्षेत्रों के स्थायी छायायुक्त क्रेटरों में होता है।
- यह अध्ययन उच्च अक्षांश क्षेत्रों में पानी-बरफ की खोज की नई संभावनाएँ खोलता है।
- इन क्षेत्रों तक पहुँचना ध्रुवीय क्षेत्रों की तुलना में भविष्य के मिशनों के लिए आसान हो सकता है।
- यह निष्कर्ष भविष्य के चंद्र अन्वेषण, संसाधन उपयोग और मानव बस्तियों की योजनाओं में मदद कर सकते हैं।





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