18वीं शताब्दी की शुरुआत में बंगाल प्रांत एक शक्तिशाली क्षेत्रीय राज्य के रूप में उभरा। मुरशिद कुली ख़ाँ को 1700 में दिवान और 1717 में गवर्नर बनाया गया। उन्होंने राजधानी को ढाका से मुर्शिदाबाद स्थानांतरित किया और प्रशासनिक सुधार किए। उनके उत्तराधिकारी शुजा-उद-दीन, अलीवर्दी ख़ाँ और सिराज-उद-दौला ने स्वायत्त शासन किया, लेकिन कमजोर सैन्य शक्ति












