16वीं शताब्दी में मुगल सम्राट अकबर द्वारा शुरू की गई मनसबदारी प्रणाली एक सुव्यवस्थित प्रशासनिक और सैन्य व्यवस्था थी, जिससे मुगल साम्राज्य में प्रभावी शासन और राजस्व वसूली संभव हो सकी।
BulletsIn
- मनसबदारी प्रणाली 16वीं सदी में अकबर ने शुरू की
- मनसब = पद; मनसबदार = पदधारी अधिकारी
- अधिकारी नागरिक और सैन्य कार्य दोनों करते थे
- पद दो अंकों से तय होता था: जात (प्रमुखता, वेतन) और सवार (सैनिक संख्या)
- जात ज्यादा = उच्च पद; सवार = घुड़सवार सैनिकों की संख्या
- भर्ती तजवीज के माध्यम से होती थी, जो किसी दरबारी द्वारा सम्राट को दी जाती थी
- वेतन नकद (नक़दी) या ज़मीन से राजस्व (जागीर) के रूप में मिलता था
- जागीरें पैतृक नहीं होती थीं; मृत्यु पर संपत्ति राज्य को लौट जाती थी
- जहाँगीर ने दुआसपा/सिहासपा व्यवस्था जोड़ी, जिससे ज्यादा सैनिक रखे जा सकें
- औरंगज़ेब के समय में जागीरों की कमी से प्रणाली का पतन शुरू हुआ





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.