2024 में यूरोपीय तेल कंपनियों जैसे BP और Shell ने अक्षय ऊर्जा निवेश धीमा कर दिया और तेल-गैस पर जोर दिया, यह निर्णय आर्थिक दबाव और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के चलते लिया गया। यह प्रवृत्ति स्वच्छ ऊर्जा प्रतिबद्धताओं में वैश्विक कमी को दर्शाती है।
BulletsIn
- 2024 में यूरोपीय ऊर्जा कंपनियों ने कम-कार्बन खर्च 8% घटाया।
- BP ने अपने अपतटीय पवन ऊर्जा प्रोजेक्ट्स को जापानी कंपनी JERA के साथ संयुक्त उपक्रम में स्थानांतरित किया।
- Shell ने नई पवन ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश रोका और यूरोप और चीन में बिजली बाजार छोड़े।
- यूक्रेन युद्ध के बाद बढ़ते तेल दामों ने कंपनियों को फॉसिल फ्यूल पर लौटने पर मजबूर किया।
- 2024 में वैश्विक कार्बन उत्सर्जन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की उम्मीद।
- बाकू में UN जलवायु सम्मेलन फॉसिल फ्यूल बंद करने पर सहमति हासिल करने में असफल।
- 2024 में शीर्ष पांच तेल कंपनियों का शुद्ध ऋण $148 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान।
- डोनाल्ड ट्रंप की वापसी अमेरिकी नवीकरणीय ऊर्जा नीतियों को कमजोर कर सकती है।
- चीन की आर्थिक रिकवरी तेल मांग बढ़ा सकती है लेकिन आपूर्ति में कटौती जोखिम बढ़ा रही है।
- फॉसिल फ्यूल से कमाई के बावजूद कंपनियां वित्तीय दबाव झेल रही हैं।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.