सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में मैंगलुरु में संस्थान के स्थानांतरण से प्रभावित 250 छात्रों को राहत देने के लिए अनुच्छेद 142 का उपयोग किया। यह अनुच्छेद सुप्रीम कोर्ट को किसी भी मामले में “पूर्ण न्याय” सुनिश्चित करने के लिए विशेष आदेश देने की शक्ति देता है, भले ही कानून में स्पष्ट प्रावधान न हों।
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- अनुच्छेद 142 के तहत SC कर सकता है “पूर्ण न्याय” सुनिश्चित
- मैंगलुरु में 250 छात्रों को राहत देने के लिए हाल में किया उपयोग
- कोर्ट को विवेकाधीन शक्ति, हर मामले में उपयोग का तरीका अलग
- कानून की सीमाओं से ऊपर जाकर न्याय देने की अनुमति
- सरकार और अधिकारियों को भी आदेश दे सकता है कोर्ट
- शिल्पा शैलेश बनाम वरुण (2023) में सीधे तलाक दिया गया
- तमिलनाडु राज्यपाल के बिल अटकाने पर 2025 में किया उपयोग
- चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव (2023) में चुनाव परिणाम पलटे
- भोपाल गैस त्रासदी में $470 मिलियन मुआवजा दिलाया (1991)
- SC ने स्पष्ट किया—अनुच्छेद 142 की शक्ति पर कानून सीमित नहीं कर सकते





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