भारत में मध्यस्थता विवादों को अदालत के बाहर सुलझाने की एक वैकल्पिक प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य समय की बचत, कम खर्च और त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है। बढ़ते व्यापारिक विवादों के कारण इसकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
BulletsIn
- अदालत के बाहर विवाद समाधान का तरीका
- मुकदमेबाजी की तुलना में तेज और सस्ता
- मध्यस्थता और सुलह अधिनियम द्वारा शासित
- पक्षकार मध्यस्थ और प्रक्रिया चुनते हैं
- अदालतों का सीमित हस्तक्षेप
- व्यापारिक और अनुबंध विवादों में उपयोग
- गोपनीय प्रक्रिया, सार्वजनिक सुनवाई नहीं
- मध्यस्थ का निर्णय बाध्यकारी
- संस्थागत मध्यस्थता को बढ़ावा
- न्यायालयों पर बोझ कम करने में सहायक





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