आंग्ल-मैसूर युद्ध 18वीं शताब्दी में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और मैसूर राज्य के बीच लड़े गए चार प्रमुख युद्ध थे, जिन्होंने दक्षिण भारत में औपनिवेशिक प्रभुत्व स्थापित किया।
BulletsIn:
- 1767 से 1799 के बीच चार युद्ध लड़े गए, जिनमें मैसूर और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ मराठा और हैदराबाद की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही
- हैदर अली और टीपू सुल्तान के नेतृत्व में मैसूर एक शक्तिशाली राज्य बना, जिसने दक्षिण भारत में ब्रिटिश विस्तार को चुनौती दी
- पहला युद्ध 1769 की मद्रास संधि के साथ समाप्त हुआ, जिसमें दोनों पक्षों ने कब्जे वाले क्षेत्रों को वापस किया
- दूसरा युद्ध 1784 की मैंगलोर संधि पर समाप्त हुआ, जिसमें किसी पक्ष को निर्णायक जीत नहीं मिली
- तीसरे युद्ध में 1792 की श्रीरंगपट्टनम संधि के तहत टीपू सुल्तान को अपने राज्य का लगभग आधा हिस्सा छोड़ना पड़ा
- चौथा युद्ध 1799 में समाप्त हुआ, जिसमें टीपू सुल्तान की मृत्यु हुई और मैसूर पर ब्रिटिश नियंत्रण स्थापित हुआ
- इन युद्धों ने दक्षिण भारत में ब्रिटिश सत्ता की नींव मजबूत की और औपनिवेशिक शासन का विस्तार सुनिश्चित किया





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.