IIT रुड़की के वैज्ञानिकों ने एक नया एआई मॉडल बनाया है जो बिहार की कोसी घाटी में बाढ़ जोखिम की सटीक भविष्यवाणी कर सकता है।
यह प्रणाली सैटेलाइट डेटा और पारदर्शी AI तकनीक के ज़रिए बाढ़ से निपटने में मदद करेगी।
BulletsIn
- कोसी नदी को “बिहार का शोक” कहा जाता है, बार-बार बाढ़ आती है
- IIT रुड़की ने बाढ़ पूर्वानुमान के लिए एआई मॉडल तैयार किया
- अध्ययन कोसी मेगाफैन पर केंद्रित था, जो बाढ़-प्रवण क्षेत्र है
- वर्षा, मिट्टी, भूमि उपयोग जैसे 21 कारकों को डेटा में शामिल किया
- Explainable AI से बाढ़ भविष्यवाणी के कारण भी स्पष्ट होते हैं
- नक्शों में क्षेत्र को बहुत कम से बहुत अधिक जोखिम वाले भागों में बांटा गया
- 35.18% क्षेत्र को बहुत अधिक जोखिम वाला माना गया
- योजना, चेतावनी और राहत कार्यों में मदद मिलेगी
- ओपन-सोर्स डेटा से बना मॉडल, अन्य क्षेत्रों में भी उपयोग योग्य
- यह तकनीक जलवायु अनुकूलता और सतत विकास लक्ष्यों में सहायक है





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