प्रशासन ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण को सूचित किया है कि वाराणसी में गढ़वा घाट का चल रहा पुनर्निर्माण पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप है और गंगा के प्रवाह को प्रभावित नहीं कर रहा है।
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- तेईस फरवरी दो हजार छब्बीस को वाराणसी के जिलाधिकारी द्वारा दायर रिपोर्ट में कहा गया कि गढ़वा घाट पुनर्निर्माण से गंगा के प्रवाह पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है।
- राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देश पर गठित विशेषज्ञ समिति ने पुनर्विकास परियोजना को आगे बढ़ाने की सिफारिश की।
- नदी के बाएं तट पर अस्सी मीटर लंबाई और अठहत्तर दशमलव तीन मीटर चौड़ाई में कुल छह हजार दो सौ चौंसठ वर्ग मीटर क्षेत्र में कार्य जारी है।
- उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने घाट पुनर्विकास के लिए ग्यारह सौ चौवन लाख सोलह हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।
- सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की कि परियोजना से नदी के पारिस्थितिकी तंत्र या जल प्रवाह पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
- वन विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित निर्माण क्षेत्र में न तो वन भूमि शामिल है और न ही वृक्ष कटान की आवश्यकता है।
- पर्यावरण प्रभाव अधिसूचना दो हजार छह के अनुसार यह निर्माण पूर्व पर्यावरण स्वीकृति की अनिवार्य सीमा से कम है।
- जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन से ऑनलाइन अनुमति प्राप्त होने तक आगे के निर्माण कार्य को रोकने के निर्देश दिए हैं।





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