भारतीय वैज्ञानिकों ने एक अभिनव सौर उपकरण विकसित किया है जो ऊर्जा उत्पादन और भंडारण को एक ही यूनिट में संभव बनाता है।
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भारतीय वैज्ञानिकों ने फोटो-रीचार्जेबल सुपरकैपेसिटर विकसित किया है, जो सूर्य ऊर्जा को एक ही डिवाइस में संग्रहित और संरक्षित कर सकता है।
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यह तकनीक अलग सोलर पैनल और बैटरी की जरूरत खत्म करती है, जिससे लागत, ऊर्जा हानि और प्रणाली की जटिलता काफी कम हो जाती है।
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यह डिवाइस बेंगलुरु स्थित सरकार समर्थित नैनो-विज्ञान अनुसंधान केंद्र में विकसित की गई, जिसकी पुष्टि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने की।
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उपकरण में निकेल–कोबाल्ट ऑक्साइड नैनोवायर का उपयोग किया गया है, जिन्हें हाइड्रोथर्मल प्रक्रिया से सीधे निकेल सब्सट्रेट पर उगाया गया।
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यह त्रि-आयामी संरचना सूर्य प्रकाश को कुशलता से अवशोषित करती है और साथ ही विद्युत आवेश को सुरक्षित रूप से संग्रहीत करती है।
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प्रयोगशाला परीक्षणों में डिवाइस ने 1.2 वोल्ट का स्थिर आउटपुट दिया और 1,000 चार्जिंग चक्रों के बाद भी 88 प्रतिशत क्षमता बनाए रखी।
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डिवाइस कम इनडोर रोशनी से लेकर तेज सूर्य प्रकाश तक विभिन्न परिस्थितियों में भरोसेमंद प्रदर्शन करने में सक्षम पाई गई।
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वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तकनीक पहनने योग्य उपकरणों, पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरदराज़ क्षेत्रों के ऑफ-ग्रिड ऊर्जा समाधानों के लिए उपयोगी होगी।





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