भारत में न्यायाधिकरण अर्द्ध-न्यायिक निकाय हैं। इन्हें विशेष मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए बनाया गया है। इन्हें संविधान के अनुच्छेद 323A और 323B से मान्यता मिली है। इनके फैसलों की न्यायिक समीक्षा संभव है।
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न्यायाधिकरण अर्द्ध-न्यायिक और विषय-विशेष निकाय
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उद्देश्य त्वरित और विशेषज्ञ आधारित न्याय
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स्वतंत्रता के बाद इनका विस्तार हुआ
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ITAT की स्थापना 1941 में हुई
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CAT और SATs की स्थापना 1985 अधिनियम के तहत
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42वें संशोधन से अनुच्छेद 323A और 323B जोड़े गए
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अनुच्छेद 323A से सेवा संबंधी न्यायाधिकरण
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अनुच्छेद 323B से अन्य विषयों के न्यायाधिकरण
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उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय की समीक्षा अधिकार
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हालिया SC फैसला नीति निर्देश देने पर रोक लगाता है





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