ब्रिटिश शासन में भारतीय प्रेस ने जनमत और राष्ट्रवाद को आवाज दी। लेकिन 1799 के बाद अंग्रेज़ों ने कड़े कानूनों से प्रेस को नियंत्रित किया।
BulletsIn
- भारतीय प्रेस की शुरुआत ब्रिटिश काल में, पहला अख़बार 1780
- जेम्स ऑगस्टस हिकी ने बंगाल गजट शुरू किया
- शुरुआती अख़बारों ने कंपनी के भ्रष्टाचार उजागर किए
- अंग्रेज़ों को राष्ट्रवादी विचारों के प्रसार का डर
- 1799 प्रेस सेंसरशिप एक्ट से पूर्व जांच अनिवार्य
- 1823 लाइसेंसिंग नियमों से बिना अनुमति प्रकाशन अवैध
- राजा राम मोहन राय ने मिरात-उल-अख़बार बंद किया
- 1835 मेटकॉफ एक्ट से लाइसेंस प्रणाली समाप्त
- 1878 वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट से भारतीय भाषाई प्रेस दबा





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