शक्तियों का विभाजन भारतीय शासन की आधारशिला है। इसमें विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच कार्यों का बंटवारा किया गया है। इसका उद्देश्य शक्ति के दुरुपयोग को रोकना है।
BulletsIn
- विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में शक्ति विभाजित
- सिद्धांत मोंतेस्क्यू के विचार पर आधारित
- भारत में पूर्ण नहीं, बल्कि कार्यों का विभाजन अपनाया गया
- विधायिका कानून बनाती और कार्यपालिका को जवाबदेह बनाती है
- कार्यपालिका कानून लागू करती और शासन चलाती है
- न्यायपालिका कानूनों की व्याख्या और संविधान की रक्षा करती है
- अनुच्छेद 50 न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करता है
- अनुच्छेद 13 के तहत न्यायिक समीक्षा का अधिकार
- न्यायाधीशों की नियुक्ति कार्यपालिका करती है
- केशवानंद भारती मामले में सिद्धांत को मान्यता मिली





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