सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में केरल DGP टी.पी. सेनकुमार की बहाली का आदेश देकर राजनीतिक हस्तक्षेप पर कड़ी टिप्पणी की और भारत में लंबित पुलिस सुधारों की आवश्यकता को फिर उजागर किया। यह फैसला प्रकाश सिंह केस की उन निर्देशों को मजबूत करता है, जो पुलिस को स्थिरता, स्वायत्तता और जवाबदेही देने की मांग करते हैं।
BulletsIn
• SC ने DGP सेनकुमार की बहाली का आदेश दिया, हटाना मनमाना बताया
• राजनीतिक दबाव में पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति पर बड़ा संकेत
• प्रकाश सिंह केस के दो-वर्षीय DGP कार्यकाल नियम की पुनर्पुष्टि
• 2006 के SC निर्देश अब भी राज्यों में लागू नहीं
• कई राज्यों ने निर्देशों को कमजोर करने वाले कानून बनाए
• पुलिस आज भी 1861 के औपनिवेशिक मॉडल पर आधारित
• आयोगों ने वर्षों से प्रशिक्षण की कमी, भ्रष्टाचार, निगरानी कमजोर बताई
• कानून-व्यवस्था और जांच कार्य को अलग करने की ज़रूरत
• PCA, SSC, PEB जैसे निकाय अधिकांश राज्यों में निष्क्रिय
• राजनीतिकरण रोकने और जनता का भरोसा बढ़ाने हेतु सुधार जरूरी
• SC की टिप्पणी: “कोई हमारी बात नहीं सुनता”
• सेनकुमार फैसला स्वतंत्र और जनता-केन्द्रित पुलिसिंग की मांग मजबूत करता





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