प्रधानमंत्री कार्यालय ने सुझाव दिया है कि IAS, IPS, IFS जैसी उच्च सेवाओं में आवंटन अब केवल UPSC अंकों पर नहीं बल्कि फाउंडेशन कोर्स (FC) अंकों पर भी आधारित हो। यह प्रस्ताव बड़े विवाद का कारण बना है, क्योंकि इससे UPSC की स्वतंत्रता और चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
BulletsIn:
* PMO चाहता है कि UPSC अंकों + FC अंकों के आधार पर IAS/IPS आवंटन हो
* FC = 100 दिन का DoPT प्रशिक्षण; अभी केवल बैच सीनियरिटी तय करता है
* DoPT ने सभी मंत्रालयों से प्रस्ताव पर राय मांगी
* उद्देश्य: प्रशिक्षुओं को FC को गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित करना
* प्रमुख समस्या: UPSC की स्वतंत्र चयन-भूमिका कमजोर होगी
* FC मूल्यांकन पर राजनीतिक दबाव की आशंका → “वफादार अफसर” खतरा
* अलग-अलग अकादमियों में अलग गुणवत्ता व मानक → मूल्यांकन असमान
* तीन महीने का FC किसी टॉपर का भविष्य बदल दे—अनुचित माना जा रहा
* 1000 से अधिक प्रशिक्षुओं पर समान FC मूल्यांकन असंभव
* सरकार पहले ही कई बदलाव लाई: लैटरल एंट्री, CSAT कमज़ोर, ज़ोन्स प्रणाली
* प्रस्ताव की व्यावहारिकता व निष्पक्षता दोनों पर गंभीर सवाल





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