चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रों द्वारा शुरू हुआ विरोध आंदोलन अब राज्य की स्वायत्तता और संघीय ढांचे की बहस में बदल गया है। यह आंदोलन 28 अक्तूबर को केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव के खिलाफ शुरू हुआ जिसमें यूनिवर्सिटी की सीनेट और सिंडिकेट का आकार घटाने की बात थी। केंद्र द्वारा आदेश वापस लेने के बावजूद छात्र चुनाव की मांग पर डटे हैं।
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- केंद्र के आदेश से सीनेट व सिंडिकेट की संरचना घटाने पर विरोध
- छात्रों ने इसे केंद्र का नियंत्रण बढ़ाने और पंजाब के अधिकार घटाने की कोशिश बताया
- PUCSC ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और प्रदर्शन शुरू किए
- किसानों ने भी आंदोलन में भाग लिया; मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर झड़पें हुईं
- AAP, कांग्रेस और अकाली दल ने इसे “पंजाब की स्वायत्तता पर हमला” बताया
- केंद्र ने विरोध के बाद आदेश वापस लिया, बाद में फिर जारी कर 7 नवंबर को पूरी तरह रद्द किया
- छात्र अभी भी सीनेट चुनाव करवाने की मांग पर अड़े
- संयुक्त किसान मोर्चा ने छात्रों के समर्थन में 26 नवंबर को रैली की घोषणा की
- भाजपा ने कहा छात्रों की मांगें मानी गईं; शांति और विकास की अपील की
- आंदोलन ने विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और संघीय नियंत्रण पर पुरानी बहस फिर से शुरू की





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