नई दिल्ली, नवंबर 2025 — नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने संकेत दिया है कि भारत का 5 मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन वार्षिक उत्पादन लक्ष्य अब FY30 से बढ़ाकर FY32 तक किया जा सकता है। यह निर्णय वैश्विक नीतिगत देरी, निर्यात बाजार की अनिश्चितता और ग्रीन ईंधनों की धीमी अपनाने की गति को देखते हुए लिया गया है।
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- भारत का 5 मिलियन टन लक्ष्य अब FY32 तक हासिल होने की संभावना।
- FY30 तक केवल लगभग 3 मिलियन टन उत्पादन अनुमानित।
- यूरोप की नीति-अनिश्चितता से निर्यात मांग प्रभावित, देरी का मुख्य कारण।
- IMO ने ग्रीन फ्यूल मैनडेट एक वर्ष के लिए टाला, शिपिंग मांग घटी।
- EU Renewable Energy Directive-III की देरी से निर्यात स्पष्टता नहीं।
- कई निर्यात-उन्मुख कंपनियों ने निवेश निर्णय स्थगित या धीमे किए।
- घरेलू बाजार में रिफाइनरी व उर्वरक क्षेत्र से मांग को सहारा।
- आगामी टेंडर शिपिंग उद्योग की ग्रीन मिथेनॉल व हाइड्रोजन मांग पर केंद्रित होंगे।
- सरकार 50 GW सौर/नवीकरणीय टेंडर लक्ष्य का पुनर्मूल्यांकन कर रही।
- मंत्रालय ने कहा, रणनीति में बदलाव अस्थायी, दीर्घकालिक लक्ष्य स्थिर रहेंगे।





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