2 नवंबर 2025 भारतीय क्रिकेट के इतिहास का स्वर्णिम दिन रहा। हरमनप्रीत कौर की टीम ने भारत को पहली बार महिला विश्व कप की ट्रॉफी दिलाई। कभी छात्रावासों के फर्श पर सोने और प्लास्टिक के बर्तनों में खाने वाली ये खिलाड़ी आज विश्व चैंपियन बनीं। यह सफर त्याग, मेहनत और जुनून की कहानी है।
BulletsIn
- भारत ने पहली बार महिला क्रिकेट विश्व कप जीतकर इतिहास रचा।
- बीसीसीआई ने पूरी टीम को ₹51 करोड़ इनाम देने की घोषणा की।
- शुरुआती दौर में खिलाड़ी बिना वेतन, केवल खेल के प्रेम से खेलती थीं।
- 1973 में बनी विमेंस क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WCAI) ने 2006 तक टीम संभाली।
- खिलाड़ी छात्रावासों या NRI घरों में ठहरतीं; खर्च दान से चलता था।
- मंदिरा बेदी ने एक विज्ञापन की पूरी कमाई इंग्लैंड दौरे के टिकटों के लिए दान दी।
- टीम अनारक्षित ट्रेन डिब्बों में सफर करती, बिस्तर खुद लाती थी।
- संयुक्त शौचालय, गंदे डॉर्मिटरी और प्लास्टिक बर्तनों में भोजन आम बात थी।
- एक टीम के पास बस तीन बल्ले होते, खिलाड़ी उन्हें साझा करतीं।
- आज खिलाड़ी बिजनेस क्लास में यात्रा, 5-स्टार होटल में ठहराव और पूरा बीसीसीआई सहयोग पा रही हैं।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.