हैदराबाद रियासत की स्थापना 1724 में निज़ाम क़मरुद्दीन ने की थी। यह मुग़ल साम्राज्य का हिस्सा था, लेकिन धीरे-धीरे स्वतंत्र हो गया। 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद, निज़ाम ने भारत में शामिल होने से इंकार किया, परंतु 1948 में ‘ऑपरेशन पोलो’ द्वारा यह भारत में विलय हो गया।
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- 1724 में निज़ाम क़मरुद्दीन ने हैदराबाद को स्वतंत्र राज्य बनाया
- पहले मुग़ल साम्राज्य का हिस्सा था; औरंगज़ेब के दक्कन अभियान के बाद नियंत्रण कमजोर हुआ
- 1687 में औरंगज़ेब ने गोलकुंडा को जीता; ख्वाजा अबिद सिद्दीकी ने साथ दिया
- क़मरुद्दीन को “आसफ जाह” की उपाधि मिली; दक्कन में स्वतंत्र शासन चलाया
- 1798 में ब्रिटिश सब्सिडियरी एलायंस में शामिल हुआ; आंतरिक शासन निज़ाम के पास रहा
- 1947 में भारत की आज़ादी के बाद निज़ाम ने पाकिस्तान से जुड़ने या स्वतंत्र रहने की कोशिश की
- भारत ने अलगाव का विरोध किया; नवंबर 1947 में स्टैंडस्टिल एग्रीमेंट हुआ
- सितंबर 1948 में ‘ऑपरेशन पोलो’ चलाकर हैदराबाद को भारत में मिला दिया गया
- निज़ामों के शासन में कला, साहित्य, वास्तुकला और संस्कृति को बढ़ावा मिला
- आसफ जाह VII दुनिया के सबसे अमीर लोगों में एक माने गए; 1948 तक शासन किया





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