5 से 14 अगस्त तक लगभग 190 देश जिनेवा में मिले ताकि प्लास्टिक प्रदूषण खत्म करने के लिए वैश्विक संधि बनाई जा सके। परंतु वार्ता प्लास्टिक उत्पादन कटौती, जहरीले रसायन और परिभाषा पर मतभेद के कारण रुक गई। भारत ने संतुलित दृष्टिकोण का समर्थन किया और व्यापार चिंता जताई।
BulletsIn
- पहली बार संधि का लक्ष्य, प्लास्टिक प्रदूषण खत्म करना
- 190 देश जिनेवा में जुटे, 5–14 अगस्त
- ड्राफ्ट से 1,500 ब्रैकेट हटे, पर अहम प्रस्ताव भी कटे
- 100+ देशों ने वर्जिन प्लास्टिक उत्पादन घटाने की मांग की
- समस्या वाले प्लास्टिक बैन, जहरीले रसायन रोक प्रस्ताव हटे
- स्वदेशी ज्ञान, स्वास्थ्य प्रभाव, न्यायसंगत परिवर्तन प्रावधान कटे
- समान विचारधारा वाले देश (LMCs) बोले, ड्राफ्ट “मील का पत्थर”
- 100 देशों का गठजोड़ बोला, ड्राफ्ट “असंतुलित”
- भारत LMCs संग, चेयर पर भरोसा जताने की अपील की
- 2060 तक प्लास्टिक उत्पादन तीन गुना हो सकता है
- प्लास्टिक 3.4% वैश्विक उत्सर्जन का कारण, स्वास्थ्य व पर्यावरण पर असर





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