वहाबी आंदोलन की शुरुआत 1820 के आसपास रायबरेली में सैयद अहमद ने की थी। इसका उद्देश्य इस्लाम की शुद्धता को पुनर्स्थापित करना और ब्रिटिश तथा सिख प्रभाव का विरोध करना था। यह आंदोलन बाद में ब्रिटिश शासन के लिए राजनीतिक चुनौती बन गया, जिसे 1870 के दशक तक दमनात्मक उपायों से समाप्त कर दिया गया।
BulletsIn
- सैयद अहमद ने 1820 में रायबरेली से वहाबी आंदोलन शुरू किया।
- उद्देश्य था इस्लाम की शुद्धता लाना और सिख-ब्रिटिश प्रभाव हटाना।
- ब्रिटिश भारत को दार-उल-हरब (काफिरों की भूमि) माना गया।
- आंदोलन कुरान और हदीस पर आधारित; गैर-इस्लामी प्रथाओं का विरोध।
- पंजाब में सिखों के खिलाफ जिहाद; बलाकोट युद्ध (1831) में सैयद अहमद शहीद।
- विलायत अली और इनायत अली ने आंदोलन को आगे बढ़ाया।
- 1857 की क्रांति में ब्रिटिश विरोधी भावना फैलाने में भूमिका।
- 1863–65 में अंबाला और पटना में प्रमुख मुकदमे और सैन्य कार्रवाई।
- 1870 के बाद ब्रिटिश दमन से आंदोलन पूरी तरह कमजोर पड़ गया।
- भारतीय मुस्लिम समाज में सुधार और प्रतिरोध की विरासत छोड़ी।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.