एक नए अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न हीटवेव गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताओं को बढ़ा रही हैं। गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक गर्मी से प्रीमैच्योर बर्थ, स्टिलबर्थ, जन्म दोष और गर्भकालीन डायबिटीज जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि खतरे वाले दिनों की संख्या बढ़ी है, खासकर विकासशील देशों में जहां स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है।
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- हीटवेव से गर्भावस्था की जटिलताएँ, जैसे प्रीमैच्योर बर्थ और स्टिलबर्थ का खतरा बढ़ा
- जलवायु परिवर्तन ने 247 देशों में से 222 में गर्भावस्था के हीट-रिस्क दिनों को दोगुना किया
- गर्मी का प्रभाव विशेष रूप से विकासशील क्षेत्रों: कैरेबियाई, दक्षिण-पूर्व एशिया, उप-सहारा अफ्रीका में अधिक
- हीटवेव गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं के खतरे को 1.25 गुना बढ़ा देती है
- अध्ययन में केवल गर्मी जोखिम दिनों में वृद्धि को देखा गया, गर्भवती महिलाओं पर स्वास्थ्य प्रभाव नहीं
- विकासशील देशों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से अधिक प्रभावित
- अध्ययन में अत्यधिक गर्मी से बुजुर्गों को भी जोखिम होने की संभावना है
- विशेषज्ञों ने गर्मी के जोखिम से निपटने के लिए स्थानीय उपायों का सुझाव दिया, जैसे क्षेत्रीय हरियाली और प्रदूषण नियंत्रण
- हीटवेव स्वास्थ्य चेतावनियाँ अभी तक गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सलाह नहीं देतीं
- सिफारिशें: नीति परिवर्तन और संवेदनशील समूहों के लिए बेहतर जानकारी प्रदान करना





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