भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) अब केवल बैक-ऑफिस नहीं, बल्कि नवाचार और वैश्विक निर्णय का केंद्र बन चुके हैं। 1,580 से अधिक केंद्रों में 14 लाख से ज्यादा लोग कार्यरत हैं, जो डिजिटल कौशल, हाइब्रिड भूमिकाओं और समावेशी नियुक्तियों के ज़रिए तकनीकी करियर को नया आकार दे रहे हैं।
BulletsIn
- भारत में 1,580+ GCCs, 14 लाख से अधिक लोग कार्यरत
- पहले बैक-ऑफिस, अब नवाचार और रणनीति के केंद्र
- AI, क्लाउड, साइबर सुरक्षा, ESG जैसी उन्नत स्किल्स की मांग
- तकनीकी + सॉफ्ट स्किल्स वाले हाइब्रिड स्किल्स की मांग
- जयपुर, कोयंबटूर, विशाखापत्तनम जैसे टियर-2 शहर उभरते केंद्र
- हाइब्रिड वर्क मॉडल से लचीलापन, संतुष्टि और विविधता बढ़ी
- GCCs में तेजी से बढ़ रहा वैश्विक नेतृत्व और करियर
- ESG और DE&I से जुड़ी नियुक्ति और टीम संस्कृति
- प्रोफेशनल्स के लिए ज़रूरी लचीलापन, रणनीतिक सोच, सतत सीखना
- GCCs बने हैं डिजिटल विकास और वैश्विक करियर के इंजन





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