विश्व राजनीति में बदलावों के बीच भारत-रूस संबंध स्थिर बने हुए हैं। यदि डोनाल्ड ट्रम्प फिर राष्ट्रपति बने, तो भारत को रूस के साथ रणनीतिक संबंध और मजबूत करने का मौका मिल सकता है, जबकि वह पश्चिमी साझेदारों से भी संतुलन बनाए रखेगा।
BulletsIn
- ट्रम्प की वापसी से रूस से रक्षा सौदों पर अमेरिकी दबाव घट सकता
- भारत 2025 तक S-400 सिस्टम की तैनाती जारी रखेगा
- 2024 में भारत-रूस व्यापार $66B पहुंचा, मुख्य वजह सस्ता तेल
- रूस भारत का दूसरा सबसे बड़ा क्रूड तेल आपूर्तिकर्ता बना
- रक्षा सहयोग बढ़ा: ब्रह्मोस निर्यात, Su-30MKI खरीद की बात, चक्र III पनडुब्बी लीज
- अमेठी में AK-203 राइफल निर्माण से आत्मनिर्भरता और विश्वास बढ़ा
- व्यापार विविधता पर जोर: फार्मा, IT, दुर्लभ खनिज क्षेत्रों में विस्तार
- INSTC और चेन्नई–व्लादिवोस्तोक जैसे कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट पर काम जारी
- रूस-चीन बढ़ती निकटता और रूस-पाक संबंध भारत के लिए चिंता
- स्पेस, AI, साइबर सुरक्षा, क्वांटम टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने की योजना





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